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नीमच में कर्ज और प्रॉपर्टी डीलर की धोखाधड़ी से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले प्रदीप राठौर के मामले में सेन समाज न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आया। शनिवार को समाजजनों ने सेन सर्कल से वाहन रैली निकाली, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए एसपी कार्यालय पहुंची। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदीप राठौर ने गुरुवार को आत्महत्या की थी।
समाजजनों ने बताया कि मृतक प्रदीप ने वर्ष 2020 में टीचर्स कॉलोनी निवासी धर्मेंद्र परिहार से 4 लाख रुपए का कर्ज लिया था। आरोप है कि धर्मेंद्र इस राशि पर 10-15% प्रतिमाह की दर से भारी ब्याज वसूल रहा था। परिजनों का कहना है कि प्रदीप कर्ज की दोगुनी राशि चुका चुका था, फिर भी धर्मेंद्र उसे धमकाता था और 7 लाख रुपए बकाया होने का दावा करता था।
परिजनों के अनुसार, आरोपी धर्मेंद्र ने प्रदीप को लगातार प्रताड़ित किया और आत्महत्या के लिए उकसाया। इस प्रताड़ना से बचने के लिए प्रदीप ने बाद में धनेरिया कला निवासी अर्जुन धनगर से भी कर्ज लिया, लेकिन वह भी उसे धमकाने लगा।
दिसंबर 2024 में धर्मेंद्र परिहार ने अपने परिचित जगदीश प्रजापति के साथ मिलकर प्रदीप पर अपना मकान बेचने का दबाव बनाया। प्रदीप ने उनके झांसे में आकर मकान बेचने का अनुबंध किया और उसे केवल 5 लाख रुपए मिले, जबकि मकान बेचने के बाद बकाया 17 लाख रुपए आज तक नहीं दिए गए।
परिजनों का आरोप है कि धर्मेंद्र और जगदीश ने मिलकर षड्यंत्र रचकर प्रदीप के मकान को हड़प लिया। समाज ने मांग की है कि लगातार पैसों की मांग, प्रताड़ना और मकान पर कब्जा करने की धमकी के कारण ही प्रदीप को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से परेशान होकर आत्महत्या करनी पड़ी।
समाज ने धर्मेंद्र परिहार, जगदीश प्रजापति सहित सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और मृतक के परिवार को मकान के बकाया 17 लाख रुपए दिलाने की मांग की है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे और बड़ा विरोध करेंगे। |
नीमच में कर्ज और प्रॉपर्टी डीलर की धोखाधड़ी से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले प्रदीप राठौर के मामले में सेन समाज न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आया। शनिवार को समाजजनों ने सेन सर्कल से वाहन रैली निकाली, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए एसपी कार्यालय पहुंची। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदीप राठौर ने गुरुवार को आत्महत्या की थी।
समाजजनों ने बताया कि मृतक प्रदीप ने वर्ष 2020 में टीचर्स कॉलोनी निवासी धर्मेंद्र परिहार से 4 लाख रुपए का कर्ज लिया था। आरोप है कि धर्मेंद्र इस राशि पर 10-15% प्रतिमाह की दर से भारी ब्याज वसूल रहा था। परिजनों का कहना है कि प्रदीप कर्ज की दोगुनी राशि चुका चुका था, फिर भी धर्मेंद्र उसे धमकाता था और 7 लाख रुपए बकाया होने का दावा करता था।
परिजनों के अनुसार, आरोपी धर्मेंद्र ने प्रदीप को लगातार प्रताड़ित किया और आत्महत्या के लिए उकसाया। इस प्रताड़ना से बचने के लिए प्रदीप ने बाद में धनेरिया कला निवासी अर्जुन धनगर से भी कर्ज लिया, लेकिन वह भी उसे धमकाने लगा।
दिसंबर 2024 में धर्मेंद्र परिहार ने अपने परिचित जगदीश प्रजापति के साथ मिलकर प्रदीप पर अपना मकान बेचने का दबाव बनाया। प्रदीप ने उनके झांसे में आकर मकान बेचने का अनुबंध किया और उसे केवल 5 लाख रुपए मिले, जबकि मकान बेचने के बाद बकाया 17 लाख रुपए आज तक नहीं दिए गए।
परिजनों का आरोप है कि धर्मेंद्र और जगदीश ने मिलकर षड्यंत्र रचकर प्रदीप के मकान को हड़प लिया। समाज ने मांग की है कि लगातार पैसों की मांग, प्रताड़ना और मकान पर कब्जा करने की धमकी के कारण ही प्रदीप को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से परेशान होकर आत्महत्या करनी पड़ी।
समाज ने धर्मेंद्र परिहार, जगदीश प्रजापति सहित सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और मृतक के परिवार को मकान के बकाया 17 लाख रुपए दिलाने की मांग की है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे और बड़ा विरोध करेंगे।