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नीमच।दिनांक 18 नवम्बर को ज्ञानोदय विश्वविद्यालय सुवाखेड़ा में कुलाधिपति डॉ.माधुरी चौरसिया के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया आज एक विश्व एक स्वास्थ्य की अवधारणा को फैलाने के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई,जिनमें उभरते और फिर से उभरते रोग, एंटीबायोटिक माइक्रोबियल प्रतिरोध (एएमआर),और शहरीकरण और पर्यावरण का एक स्वास्थ्य पर प्रभाव शामिल थे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. रेणु वाघमारे ने उभरते और फिर से उभरते रोगों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे ये रोग हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं और इसके लिए हमें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। डॉ.आशीष मिश्रा ने एंटीबायोटिक माइक्रोबियल प्रतिरोध के बारे में बताया और इसके प्रभावों को कम करने के तरीकों पर चर्चा की। डॉ.आर्यश्री एल ने शहरीकरण और पर्यावरण के एक स्वास्थ्य पर प्रभाव के बारे में चर्चा की और बताया कि कैसे हम अपने पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. चंचल पांचाल ने डॉ.मंगल सिंह,डॉ.ललित यादव,डॉ.दिनेश पाटीदार,और डॉ.केतन खंडेलवाल और प्रो.चेतना के साथ मिलकर कार्यक्रम का संचालन किया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस कार्यक्रम में पैरामेडिकल,नर्सिंग, फार्मेसी के छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और ई-पोस्टर और फोटोग्राफी कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा दिखाई। उक्त जानकारी प्रो.अनूप चौधरी ने दी। |
नीमच।दिनांक 18 नवम्बर को ज्ञानोदय विश्वविद्यालय सुवाखेड़ा में कुलाधिपति डॉ.माधुरी चौरसिया के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया आज एक विश्व एक स्वास्थ्य की अवधारणा को फैलाने के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई,जिनमें उभरते और फिर से उभरते रोग, एंटीबायोटिक माइक्रोबियल प्रतिरोध (एएमआर),और शहरीकरण और पर्यावरण का एक स्वास्थ्य पर प्रभाव शामिल थे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. रेणु वाघमारे ने उभरते और फिर से उभरते रोगों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे ये रोग हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं और इसके लिए हमें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
डॉ.आशीष मिश्रा ने एंटीबायोटिक माइक्रोबियल प्रतिरोध के बारे में बताया और इसके प्रभावों को कम करने के तरीकों पर चर्चा की।
डॉ.आर्यश्री एल ने शहरीकरण और पर्यावरण के एक स्वास्थ्य पर प्रभाव के बारे में चर्चा की और बताया कि कैसे हम अपने पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. चंचल पांचाल ने डॉ.मंगल सिंह,डॉ.ललित यादव,डॉ.दिनेश पाटीदार,और डॉ.केतन खंडेलवाल और प्रो.चेतना के साथ मिलकर कार्यक्रम का संचालन किया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इस कार्यक्रम में पैरामेडिकल,नर्सिंग, फार्मेसी के छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और ई-पोस्टर और फोटोग्राफी कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा दिखाई। उक्त जानकारी प्रो.अनूप चौधरी ने दी।