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मन्दसौर। उद्यानिकी महाविद्यालय, मंदसौर के अंतर्गत एनएसएस इकाई का सात दिवसीय विशेष शिविर का सफलतापूर्वक शुभारंभ आज दिनांक 17 मार्च को ग्राम मोहम्मदपूरा (मैनपुरिया) के पंचायत भवन में प्रारम्भ किया गया जो 23 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। इस शिविर की थीम ‘प्राकृतिक खेती खुशहाल जीवन’ है। राष्ट्रीय सेवा योजना के इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों में स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना तथा समुदाय में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था।
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मन्दसौर। उद्यानिकी महाविद्यालय, मंदसौर के अंतर्गत एनएसएस इकाई का सात दिवसीय विशेष शिविर का सफलतापूर्वक शुभारंभ आज दिनांक 17 मार्च को ग्राम मोहम्मदपूरा (मैनपुरिया) के पंचायत भवन में प्रारम्भ किया गया जो 23 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। इस शिविर की थीम ‘प्राकृतिक खेती खुशहाल जीवन’ है। राष्ट्रीय सेवा योजना के इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों में स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना तथा समुदाय में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था।
शिविर के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों ने व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. जी.पी.एस. राठौर एवं डॉ. एच पी सिंह को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया, डॉ. जी.पी.एस. राठौर ने व्यक्तिगत और सार्वजनिक स्वच्छता पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने लोगों को नियमित हाथ धोने, साफ कपड़े पहनने, सुरक्षित पानी पीने तथा दैनिक जीवन में स्वच्छता बनाए रखने के बारे में जागरूक किया। बच्चों और युवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया ताकि वे प्रारंभ से ही स्वस्थ आदतें अपनाएं।
डॉ. एच पी सिंह ने भी स्वच्छता से जुड़े हुए पुराने किस्से सुनाये जिसमे एनएसएस का उद्देश्य ृमैं नहीं, आप’ की कहानी भी रोचक रही। उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ सार्वजनिक स्वच्छता पर भी जोर दिया। स्वयंसेवकों ने समुदाय को उचित कचरा प्रबंधन के बारे में जानकारी दी, जिसमें गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण शामिल है, तथा प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए प्रेरित किया।
यह कार्यक्रम उद्यानिकी महाविद्यालय, मंदसौर के अधिष्ठाता डॉ. दीपक हरि रानडे के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंत में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी श्री प्रदीप तुरुकमाने ने स्वयंसेवकों के समर्पण की सराहना की और यह बताया कि स्वच्छता केवल एक दिन की गतिविधि नहीं बल्कि एक नियमित आदत होनी चाहिए। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे स्वच्छता के नियमों का निरंतर पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। यह जागरूकता अभियान एक स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
इसका शीर्षक बनाकर दो